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अमन व अमान शांति के साथ मनाएं ईद उल अजहा का पवित्र त्योहार: आदिल अमीन


पूर्वांचल राज्य ब्यूरो,गोरखपुर (मंडल प्रभारी बीपी मिश्र)

गोरखपुर। महानगर जिले में  समाज के प्रति हमेशा जागरूक रहने वाले व्यक्ति व समय समय पर सेवा करने वाले एससी एसटी के सदस्य व जिला शांति सद्भावना समिति के सदस्य और वरिष्ठ समाजसेवी आदिल अमीन ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि अल्लाह तआला इरशाद फरमाता है कि “ऐ महबूब अपने रब के लिए नमाज पढ़ो और कुर्बानी करो” कुर्बानी का सिलसिला ईद-उल-अजहा के दिन को मिलाकर तीन दिनों तक चलता रहता है। मुसलमान अल्लाह की रज़ा के लिए कुर्बानी करते हैं यह इब्राहिम अलेहसलाम की सुन्नत है ईद-उल-अजहा का त्योहार 17 जून को अपनी रवायत के मुताबिक मनाया जाएगा। 17, 18 व 19 जून को अपनी पूरी परंपरा के मुताबिक यानी तीन दिन कुर्बानी की जाएगी। संवाददाता से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे जानवरों की ही कुर्बानी करें। जिसकी हमें भारतीय कानून से इजाजत है जैसे भैंस, बकरा-बकरी, दुंबा, भेड़ आदि ऐसे जानवरों की कुर्बानी करें। कुर्बानी के दिनों में साफ-सफाई का खास ख्याल रखें अपशिष्ट पदार्थ सड़कों पर न फेंके कुर्बानी के मौके पर वीडियो व फोटो बिल्कुल न बनाए। दीन-ए-इस्लाम में साफ-सफाई को आधा ईमान करार दिया गया है। लिहाजा इसका खास ख्याल रखें अमनो शांति के साथ ईद-उल-अजहा त्योहार को मनाएं। उन्होंने अवाम से अपील किया कि कुर्बानी से संबंधित किसी तरह की कोई समस्या हो तो मेरे मोबाइल नंबर +91 94516 86786 पर संपर्क कर सकते हैं। मैं आप सब की सेवा में तत्पर रहूंगा और प्रशासन तक आपकी समस्या पहुंचाकर समाधान की कोशिश करूंगा।

उन्होंने जिला प्रशासन से मांग किया है कि त्योहार के मौके पर ईदगाहों, मस्जिदों व सामूहिक कुर्बानी स्थलों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। ईदगाह,मस्जिद व कुर्बानी स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए जाएं। सामूहिक कुर्बानी स्थलों के आसपास साफ सफाई, चूने का छिड़काव, पथ प्रकाश की व्यवस्था की जाए 24 घंटे पानी की सप्लाई की व्यवस्था की जाए। जरूरत के मुताबिक जगह-जगह पानी का टैंकर लगवाया जाए। त्योहार के मौके पर निर्बाध बिजली उपलब्ध करवाई जाए। शहर को तीन दिन तक विद्युत कटौती से मुक्त रखा जाए। समय से पूर्व लोकल फाल्ट को ठीक करा दिया जाए। सभी कुर्बानी स्थलों पर जो टाली लगाई जाती है उसे समय से भेजा जाए। कुर्बानी से निकले मलवे को ढक कर ले जाने की व्यवस्था की जाए। कुर्बानी का जानवर लाने ले जाने वालों के साथ उचित व्यवहार किए जाने की व्यवस्था की जाए। त्योहार के मौके पर छुट्टा पशुओं पर लगाम लगाया जाए।

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