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जो संतुष्टि और खुशी दूसरों की मदद करने में मिलती है उसका वर्णन नहीं किया जा सकता: मदद संस्थान


पूर्वांचल राज्य ब्यूरो, बलिया 

बलिया। जिस प्रकार परमात्मा इस पूरी सृष्टि का संचालन करते हुए हाथी से लेकर चींटी तक के भोजन की व्यवस्था करने के साथ ही प्रत्येक प्राणी का देखभाल करते हैं। उन्होने ने ही हम लोगों को मानव का तन- प्रदान करते हुए अच्छे कर्म करने के लिए धरती पर भेजा है। जो ईश्वर बिना भेदभाव के पूरे सृष्टि का संचालन करते हैं, तो हम सभी का भी कर्तव्य बनता है कि उस परमात्मा के प्रति कृतज्ञ भाव से उनके बंदों का  देखभाल समय-समय पर जरूर करते रहें। यही हमारे जीवन की सार्थकता होगी। उक्त बातें सहरसपाली ढाला स्थित ज्ञानधारा क्लासेज में रविवार के दिन मदद संस्थान की हुई बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष अखिलानंद तिवारी ने कहीं। 

उन्होंने कहा कि जो संतुष्टि और खुशी दूसरों की मदद करने के बाद मिलती है उसका वर्णन नहीं किया जा सकता। आज मनुष्य भौतिक संसाधनों के सुख के पीछे ऐसे भाग रहा है जैसे लग रहा है कि वह इस धरती पर परमानेंट के लिए आया है। 

 कहा कि जगत मे कोई न परमानेंट इसलिए सेवा और सहयोग का ही एक ऐसा मार्ग है जिसके द्वारा हम सभी लोक और परलोक दोनों को सुधार सकते है। उन्होंने मदद संस्थान के सफलतापूर्वक संचालन पर सभी सदस्यों को धन्यवाद व्यापित करते हुए कहा कि मदद संस्थान अपने उद्देश्यों के प्रति अपने उपलब्ध संसाधन के बल पर प्रत्येक माह 2 से 3 लोगों का विभिन्न क्षेत्रों में उनकी आवश्यकता के अनुसार मदद कर रहा है जो निरंतर चलता रहेगा। उन्होंने इस पारदर्शी एवं पवित्र संस्था के विस्तार के लिए लोगो से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की। बैठक में उपस्थित कई अन्य लोगों ने भी बारी-बारी से अपने सुझाव और विचार प्रकट किये। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में मदद संस्थान की नई सक्रिय कोर कमेटी बनाने का निर्णय भी लिया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ हरेंद्रनाथ यादव, विवेक सिंह, गणेश सिंह, सुनील सिंह, जितेंद्र उपाध्याय, रमेश चंद्र गुप्ता, शंकर प्रसाद चौरसिया, ब्रजेंद्र तिवारी साधु जी, नरेंद्र सिंह, डॉ आशुतोष शुक्ला आदि उपस्थित रहे । अध्यक्षता अखिलानंद तिवारी एवं संचालन सचिव रणजीत सिंह ने किया ।

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