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नए चाकू से बच्चों का गला रेत की थी हत्या

आरोपी अपने पास रखता था तमंचा, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा 



पूर्वांचल राज्य ब्यूरो, उत्तर प्रदेश (उप संपादक अरुण वर्मा)

मेरठ/उत्तर प्रदेश। बदायूं के डबल मर्डर के आरोपी जावेद को शुक्रवार को बदायूं की सीजेएम ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पेशी के दौरान कोर्ट के बाहर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। डबल मर्डर के मुख्य आरोपी और मुठभेड़ में मारे गए साजिद के भाई जावेद ने गुरुवार को बरेली में सरेंडर किया था। बदायूं पुलिस उसे बरेली से लाई थी। पुलिस के मुताबिक जावेद ने बताया कि मुख्य आरोपी ने दोनों बच्चों की गला रेतकर हत्या से पहले वारदात वाले दिन गोश्त काटने वाला नया चाकू खरीदा था। जावेद के मुताबिक, साजिद अपने साथ तमंचा भी रखता था। पुलिस आरोपी के बयानों को पुलिस क्रॉस चेक कर रही है। एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने शुक्रवार को कहा कि अगर जरूरत हुई तो जावेद का नार्को टेस्ट भी कराया जाएगा।
  
 बदायूं डबल मर्डर केस की जांच के क्रम में पुलिस के सामने कई अहम तथ्य आए हैं। मर्डर के दूसरे आरोपी जावेद ने कबूला है कि मर्डर के वक्त वह घर के नीचे खड़ा था। साजिद जब खून से सना चाकू लेकर निकला तो वह डरकर भाग गया। उसे गिरफ्तार किए जाने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी से हुई पूछताछ के हवाले से बताया कि बदायूं निवासी साजिद अपने छोटे भाई जावेद के साथ मिलकर सिविल लाइन की बाबा कॉलोनी में किराए पर सैलून चलाता था। जावेद ने पुलिस को बताया कि 19 मार्च की सुबह वह साजिद के साथ घर से सैलून आया था। मंगलवार को बाल कटिंग का कम काम रहता है। उसी दिन साजिद एक नया उस्तरा और गोश्त काटने में इस्तेमाल होने वाला बड़ा चाकू खरीदकर लाया। पूछने पर साजिद ने कहा कि इसकी जरूरत पड़ेगी। जावेद ने कहा कि उसका भाई साजिद तमंचा भी अपने साथ रखता था।

जावेद ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन शाम बजे दुकान बंद करने के बाद साजिद ने जावेद से कहा कि वह संगीता भाभी (मारे गए बच्चों की मां ) से पैसे लेकर आता है। जिसके बाद वह बाइक लेकर विनोद के घर के बाहर खड़ा हो गया। कुछ देर बाद विनोद के घर से चीखने की आवाज आई। साजिद खून से सना चाकू और कपड़े पहने घर से बाहर आया। इसलिए वह घबराकर मौके से भाग गया। हालांकि, इस हत्याकांड के मोटिव को लेकर अब तक कोई खुलासा नहीं हो सका है।

‘नेपाल भागने की फिराक में था आरोपी’...

पुलिस पूछताछ में जावेद ने बताया कि रात में बस से दिल्ली पहुंचा। बाद में पता चला कि साजिद ने विनोद के दोनों बेटों आयुष और अहान का कत्ल कर दिया। उसने बाद मैने मोबाइल बंद कर लिया। बाद में मोबाइल खोला तो वॉट्सऐप पर रात को साजिद को एनकाउंटर में मरने की खबर मिली। जावेद ने बताया कि उसे डर था कि पुलिस उसे भी एनकाउंटर में मार देगी। पहले पीलीभीत के रास्ते नेपाल भागने का मन बताया, लेकिन घबरा गया। जावेद ने पुलिस को यह भी बताया कि विनोद के तीनों बेटों आयुष, पीयूष और अहान का हमारे यहां आना-जाना था। उनकी पत्नी संगीता भाभी और उनकी मां मुन्नी देवी से अच्छे ताल्लुकात थे। साजिद भी उनके घर चला जाता था।

‘अपसेट रहता था साजिद, नहीं दिखाता था मोबाइल’...

जावेद ने कहा कि साजिद मानसिक रूप से अपसेट रहता था। कई बार उसे भी गालियां दे देता था। साजिद ने शादी से पहले भी एक बार चूहे मारने वाली दवा खाकर जान देने की कोशिश कर चुका था। अपना मोबाइल किसी को नहीं दिखाता था। इसी के साथ जावेद ने खुद को निर्दोष और साजिद को हत्यारा बताया। एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जावेद के बयान को क्रॉस चेक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जावेद का नार्को टेस्ट भी कराया जाएगा। सीन रिक्रिएट किया जाएगा। मामले की तह तक जाने के लिए किसी भी तथ्य या बिंदु को नजर अंदाज नहीं किया जाएगा।

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